Tuesday, August 3, 2010

ग़ज़ल

मैत्री दिवस पर

प्यार की दोस्ती की बात करें
आइए ज़िन्दगी की बात करें

कोई हासिल नहीं है जब इसका
किस लिए दुश्मनी की बात करें

ज़िक्र हो तेरी अक़्लो-दानिश का
मेरी दीवानगी की बात करें

आप नज़दीक जब नहीं तो फिर
किस से हम अपने जी की बात करें

बीती बातों में कुछ नहीं रक्खा
बैठिए हम अभी की बात करें

बात कुछ आपकी हो मेरी हो
और हम क्यूं किसी की बात करें


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रवि कांत 'अनमोल'
aazaadnazm.blogspot.com
मेरी नज़्में

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